........................................................................................................ अनुष्ठान के दौरान दिनचर्या नियमित रखें और आलस्य से बचें। साधना के दौरान सभी तांत्रिक विधियों का पालन करें। सिद्ध हो जाता है तब क्या होता है? यह तो सवाल आपके मन में जरूर होंगे तो चलो इस बारे में बताते हैं। जप के समय क्रोध, लड़ाई, चिंता आदि https://mcmasters233dum5.tusblogos.com/profile